79th Independence Day: दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए कई क्षेत्रों में प्रयास करने का संकल्प लिया।
लाल किला से ऐतिहासिक राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को सीधा संदेश देते हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया के भारत किसी भी प्रकार के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सुदर्शन चक्र सुरक्षा कवच पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का थीम है- स्वतंत्रता का सम्मान करें, भविष्य को प्रेरित करें। सुबह 7:21 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रीय गान गया गया। पीएम मोदी को सेना, नौसेना और वायुसेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 79th Independence Day के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रीय एकता और तकनीकी प्रगति पर ध्यान देने पर बल दिया।
ऊर्जा क्षमता को 10 गुना बढ़ाने पर जोर
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि हम परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विकास कर रहे हैं। 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने का काम जारी है। परमाणु ऊर्जा की क्षमता को 10 गुना तक बढ़ाया जाएगा। इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लिए भी दरवाजे खोले गए हैं।
साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर फोकस
Latest Posts
इस अवसर पर पीएम मोदी ने लाल किला से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज समय आईटी का है। साइबर सुरक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सभी चीज हमारी हों। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का प्लेटफार्म पर काम कर रहे हैं लेकिन आज समय की जरूरत है कि सोशल मीडिया से लेकर अन्य सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म हमारा हो।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने दुनिया को यूपीआई का सामर्थ दिखा दिया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन में अकेले भारत 50 फ़ीसदी योगदान दे रहा है। मेरे देश के नौजवानों में चुनौती देता हूं की क्यों ना इसी तरह हमारे अपने पेमेंट हों, क्यों हम दूसरे देशों पर निर्भर हों।
पीएम मोदी का यह संदेश साफ तौर पर यह संकेत है कि आने वाले समय में डिजिटल इकोनामी में बढ़ोतरी होगी और गूगल यूट्यूब सहित दुनिया के कई प्लेटफार्म को भारत में विकसित किया जाएगा। इससे भारतीय आईटी सेक्टर में बूम आएगा और नौकरियों के नए अफसर भी बनेंगे।