Highlights
- मीरा रोड पर हिंदी बोलने पर मारपीट का मामला
- एमएनएस कार्यकर्ताओं ने विरोध रैली निकाली
- पुलिस ने अनुमति न होने पर उन्हें हिरासत में लिया
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की मीरा रोड पर भाषा को लेकर विवाद गहरा गया है। हिंदी में बात करने पर मारपीट की घटना के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने विरोध रैली निकाली। लेकिन इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति न होने का हवाला देते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
दरअसल रविवार को मीरा रोड पर एक मिठाई दुकान के मालिक और उसके कर्मचारी के साथ मारपीट हुई थी। आरोप है कि एमएनएस कार्यकर्ताओं ने दुकान में काम करने वाले एक व्यक्ति से मराठी में बात करने को कहा। जब उसने हिंदी में जवाब दिया तो उसे थप्पड़ मार दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद माहौल गर्म हो गया।
इसके जवाब में एमएनएस ने सोमवार को विरोध मार्च निकाला। लेकिन पुलिस का कहना था कि इस रूट पर रैली की इजाजत नहीं थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं को रोका गया और उन्हें हिरासत में लिया गया। एमएनएस कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि जब दुकानदारों को अपनी बात कहने की आज़ादी है तो उन्हें विरोध क्यों नहीं करने दिया गया?
सीएम फडणवीस ने दी सफाई
इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने विरोध की इजाजत देने से इनकार नहीं किया था, बल्कि रास्ता बदलने को कहा था। लेकिन एमएनएस कार्यकर्ता नहीं माने और उसी रूट पर रैली निकालने की जिद पर अड़े रहे। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन नियमों का पालन जरूरी है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की सोच हमेशा से बड़ी रही है। यहां मराठी भाषा का सम्मान है, लेकिन जबरन किसी पर कुछ थोपना सही नहीं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे को तूल देकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इस विवाद की एक वजह वह पुराना सरकारी प्रस्ताव भी है जिसमें महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी को शामिल करने की बात की गई थी। हालांकि बाद में वह प्रस्ताव वापस ले लिया गया था। इसके बावजूद इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है।