Highlights
- मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की चर्चा
- राहुल गांधी ने वोटर्स डेटा में गड़बड़ी का आरोप लगाया
- चुनाव आयोग ने राहुल से शपथपत्र देकर माफी मांगने को कहा
भारत की राजनीति में इन दिनों चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नया विवाद खड़ा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में वोटों की चोरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव आयोग ने यहां सत्तारुढ़ पार्टी के साथ मिलकर मतदाता सूची में हेरफेर किया। 7 अगस्त को राहुल ने दावा किया कि बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा में एक लाख से अधिक वोट चुराए गए, जिसकी वजह से बीजेपी यहां जीत गई।
विपक्षी गठबंधन अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगातार यह आरोप लगाए हैं कि आयोग की तरफ से सत्ता पक्ष का पक्षपात बिना साक्ष्य के दिखाई दे रहा है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग सत्ता और विपक्ष के बीच कोई भेद नहीं करता, यह दावा हास्यास्पद है।
माहभियोग प्रक्रिया क्या है?
संविधान के अनुच्छेद 324 (5) के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के जजों की तरह ही महाभियोग की प्रक्रिया से हटाया जा सकता है। इसके लिए संसद के किसी भी सदन में प्रस्ताव लाया जा सकता है। दोनों सदनों में अलग-अलग बहस होगी। अगर दोनों सदनों में दो तिहाई सदस्य प्रस्ताव के पक्ष में वोट देते हैं तो उसी सत्र में राष्ट्रपति की मंजूरी से आयुक्त पद से हटा दिए जाते हैं।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान का अपमान करने की कोशिश कर रहे हैं। सीईसी ने कहा, “अगर पूरे तथ्यों के साथ शपथपत्र देकर सात दिन के अंदर नहीं दिया तो साफ हो जाएगा कि उनके आरोप निराधार हैं।” सीईसी ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची संशोधन का उद्देश्य गड़बड़ियों को दूर करना है और किसी पक्ष को गलत सूचना फैलाने से हर दल को बचना चाहिए।
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इसके तुरंत बाद कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग 14 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सही ढंग से लागू करेगा?
विपक्ष भी लामबंद हुआ
विपक्षी पार्टियों ने इंडिया गठबंधन के तहत एकजुटता दिखाई है। उनका कहना है कि अगर चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं रहा तो लोकतंत्र पर खतरा है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव को लेकर संघर्ष की तैयारी कर रहा है।
राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच हाल के विवाद से देश में चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। विपक्ष संसद में महाभियोग की स्थिति लाने पर विचार कर रहा है, वहीं चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपनी निष्पक्षता पर मुहर लगाई है।