Highlights
- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, पीएम भी दायरे में
- नया कानून देगा पारदर्शी राजनीति को मजबूती
- मोदी का बड़ा बयान – जेल से सत्ता नहीं चलेगी
Modi on Corruption Law: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संसद में उस बिल का मजबूती से बचाव किया जिसमें प्रावधान है कि गंभीर आरोपों में 30 दिन से अधिक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री की सदस्यता स्वत: समाप्त हो जाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि जब जेल जाने पर एक साधारण क्लर्क अपनी नौकरी खो देता है तो फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी क्यों बची रहनी चाहिए।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार लंबे समय से सत्ता में है लेकिन उस पर करप्शन का कोई दाग नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि दशकों तक उसने शासन किया और भ्रष्टाचार की श्रृंखला ही चला दी। मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री तक, हर कोई कानून के दायरे में आए।
प्रधानमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेताओं को जेल से ही फाइलों पर साइन करते और आदेश निकालते देखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवस्था सही है। क्या जनता यह चाहेगी कि कोई नेता जेल में रहकर सरकार चलाए। इसलिए नए कानून में साफ कर दिया गया है कि यदि कोई मंत्री, सीएम या पीएम 30 दिन के भीतर जमानत नहीं ले पाता तो 31वें दिन उसे कुर्सी छोड़नी होगी।
संविधान की मर्यादा सर्वोपरि
मोदी ने कहा कि संविधान ईमानदारी और पारदर्शिता की उम्मीद करता है। सत्ता की कुर्सी जेल की सलाखों से नहीं चल सकती। एनडीए सरकार का यह कदम भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा।
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पीएम ने कहा कि कांग्रेस, लेफ्ट और आरजेडी इस बिल का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उन्हें अपने नेताओं के जेल जाने का डर है। उन्होंने तंज कसा कि जो लोग आज जमानत पर बाहर हैं, वही सुबह-शाम इस कानून का विरोध कर रहे हैं।
मोदी ने जनता से पूछा – क्या जो जेल जाए उसे सत्ता की कुर्सी पर बने रहना चाहिए। क्या जेल से सरकार चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का जवाब ही इस कानून को सही मायने में मजबूती देगा।