US-Japan Trade Deal: पीएम मोदी के जापान दौरे के बीच अमेरिका को बड़ा झटका, अटक गई खरबों की डील

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US-Japan Trade Deal
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Highlights

  • अमेरिका और जापान के बीच 550 अरब डॉलर की डील अटक गई है।
  • यह कदम अमेरिका के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
  • ट्रंप ने दावा किया कि मुनाफे का 90 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका को मिलेगा।

अमेरिका और जापान के बीच होने वाली एक बड़ी व्यापारिक डील पर अचानक ब्रेक लग गया है। करीब 550 अरब डॉलर यानी 4.82 लाख करोड़ रुपये के निवेश पैकेज को जापान ने रोक दिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी बताई जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के दो दिवसीय दौरे पर हैं और वहां वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।

डील पर क्यों लगा ब्रेक

अमेरिका और जापान के बीच पहले से सहमति बनी थी कि अमेरिका जापानी आयात पर लगने वाले शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करेगा। इसके बदले जापान अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश करने वाला था। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि यह पैसा अमेरिका का है और मुनाफे का 90 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका को ही मिलेगा।

जापान ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि निवेश केवल तभी संभव है जब दोनों देशों को बराबर फायदा हो। इसी असहमति की वजह से जापान के शीर्ष वार्ताकार रयोसेई अकाज़ावा ने अपनी अमेरिका यात्रा टाल दी।

जापानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस निवेश को तभी आगे बढ़ाया जाएगा जब अमेरिकी प्रशासन अपनी टैरिफ पॉलिसी में बदलाव करे। जापान चाहता है कि ऑटो पार्ट्स पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क घटाया जाए और डबल टैक्सेशन यानी ओवरलैपिंग टैरिफ को खत्म किया जाए। जापानी प्रवक्ता योशिमासा हायाशी ने कहा कि अमेरिका को इन मुद्दों पर गंभीरता से बातचीत करनी होगी, तभी कोई ठोस समझौता हो पाएगा।

पीएम मोदी का दौरा और रणनीतिक महत्व

डील के अटकने का यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे के बीच हुआ है। मोदी 29 और 30 अगस्त को जापान में 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। वहां उनकी मुलाकात जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से हो रही है। बैठक में रणनीतिक साझेदारी, क्वाड सहयोग और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि जापान का यह कदम अमेरिका और एशिया के रिश्तों पर असर डाल सकता है और भारत-जापान साझेदारी और भी मजबूत हो सकती है।

इस घटनाक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई विशेषज्ञों ने डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को आत्मघाती बताया है और कहा है कि यह न केवल अमेरिका-जापान संबंधों को नुकसान पहुंचाएगी बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए भी जोखिम भरी है। जापानी मीडिया क्योदो न्यूज ने रिपोर्ट किया कि यह तय नहीं है कि रयोसेई अकाज़ावा अब कब अमेरिका जाएंगे। वहीं, रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि संभव है वे अगले हफ्ते वॉशिंगटन पहुंचें और बातचीत फिर से शुरू हो।

क्या होगा असर

ट्रंप की सख्त टैरिफ नीति से न केवल अमेरिका-जापान संबंधों में खटास आ सकती है बल्कि वैश्विक व्यापारिक माहौल पर भी असर पड़ सकता है। जापान ने जिस तरह से निवेश पैकेज को रोका है, उससे अमेरिका को सीधा आर्थिक झटका लगेगा। दूसरी ओर भारत और जापान के रिश्ते इस घटनाक्रम के बीच और भी गहरे हो सकते हैं क्योंकि दोनों देश रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।