गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। बप्पा की कृपा पाने के लिए पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। लेकिन कई बार भूलवश कुछ ऐसी चीजें भी पूजा में शामिल हो जाती हैं जिन्हें शास्त्रों में वर्जित किया गया है। ऐसा करने से बप्पा नाराज भी हो सकते हैं और पूजा का फल भी मिलना मुश्किल हो जाता है। आइए जानते हैं ऐसी 7 वस्तुओं के बारे में जिन्हें गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी को भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
ये 7 चीजें गणेश जी की पूजा में न लगाएं
तुलसी दल
तुलसी को भगवान विष्णु की अर्चना में चढ़ाया जाता है। गणेश जी को तुलसी चढ़ाने की मनाही है। कहानी है कि तुलसी ने भगवान गणेश से विवाह का प्रस्ताव किया था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। इसके बाद तुलसी ने श्राप दिया था कि भगवान गणेश का दूसरा विवाह होगा। इसी वजह से गणपति पूजा में तुलसी का उपयोग नहीं करना चाहिए।
टूटे हुए अक्षत (चावल)
अक्षत का अर्थ होता है ‘जिसकी क्षति न हुई हो’। पूजा में हमेशा साबुत चावल ही चढ़ाने चाहिए। टूटे हुए या सुखे चावल चढ़ाना अशुभ माना जाता है और पूजा का फल भी प्राप्त नहीं होता।
कुटज (कितनी) का फूल
कुटज के फूल को भगवान शिव पर भी नहीं चढ़ाया जाता, तो गणेश जी को भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
सफेद फूल, सफेद वस्त्र, सफेद जनेऊ
गणेश जी को सफेद रंग की चीजें नहीं चढ़ानी चाहिए। कहा जाता है कि सफेद रंग उनकी प्रकृति से मेल नहीं खाता और शास्त्रों में इन चीजों को अर्पित करना वर्जित किया गया है।
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काला रंग
काला रंग अशुभ माना जाता है। पूजा में काले रंग के कपड़े, धागे, या कोई भी वस्तु शामिल नहीं करनी चाहिए।
केले के पत्ता
केले के पत्तों में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। गणेश जी को केले के पत्ते अर्पित नहीं करने चाहिए।
पुरानी या दो मूर्तियां
गणेश चतुर्थी के मौके पर हमेशा नई मूर्ति की स्थापना करें। पुरानी मूर्ति को विसर्जित कर दें। घर में एक से ज्यादा मूर्तियां भी न रखें।
सावधानियां
- भाद्रपद चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) के दिन चंद्रमा के दर्शन न करें, इससे कलंक लगने की मान्यता है।
- गणेश जी की मूर्ति को जमीन पर न रखें। हमेशा किसी चौकी या पाटे पर बैठाएं।
- पूजा में मोदक, दुर्बा घास, कच्ची हल्दी, पीला धागा, फूलमाला, दीपक, अगरबत्ती, रोली आदि अवश्य लगाएं।
- यदि घर में मूर्ति ला रहे हैं तो कोशिश करें कि प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी या किसी प्राकृतिक तत्व की मूर्ति ही स्थापित करें।