सीपी राधाकृष्णन: एनडीए की पूरी ताकत के साथ नामांकन, PM मोदी बने पहले प्रस्तावक

भारतीय लोकतंत्र के एक मुकाम, उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए और विपक्षी गठबंधन ने अपने-अपने दावेदार खड़े कर लिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सीपी राधाकृष्णन के नामांकन का नेतृत्व किया, वहीं विपक्ष ने जज सुदर्शन रेड्डी को उतारा है।

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सीपी राधाकृष्णन
सीपी राधाकृष्णन

बीजेपी-नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन (सीपी राधाकृष्णन) ने 19 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस ऐतिहासिक पल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उनके पहले प्रस्तावक बने। प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और एनडीए के तमाम सांसद सीपी राधाकृष्णन के साथ मंच पर मौजूद रहे।

इस दौरान बीजेपी और एनडीए के तमाम दलों के नेता एक साथ खड़े दिखे, जिससे गठबंधन की एकजुटता भी दिखी। प्रफुल्ल पटेल, राजनाथ सिंह, जेपी नडडा, चिराग पासवान, ललन सिंह, जीतन राम मांझी, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल जैसे वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद रहे।

एनडीए ने 18 अगस्त 2025 को आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था। इससे पहले बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक हुई जिसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने फैसला लिया था। उम्मीदवार की घोषणा के बाद सहयोगी दलों ने भी उनके समर्थन की घोषणा की।

सशक्त राजनीतिक जीवन, व्यापक प्रशासनिक अनुभव

20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन राजनीति में चार दशकों से अधिक समय से सक्रिय हैं। आरएसएस में जीवन की गहरी पैठ रखने वाले राधाकृष्णन ने दो बार लोकसभा का चुनाव जीता और तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष पद पर भी रहे। उन्होंने झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी जैसे राज्यों में राज्यपाल या उपराज्यपाल के रूप में भी कार्यभार संभाला।

31 जुलाई 2024 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया। इससे पहले वे झारखंड के राज्यपाल रहे, जहां राष्ट्रपति ने उन्हें तेलंगाना और पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया था।
इस लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव के चलते एनडीए ने उन्हें उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है। शांत, अनुभवी और संतुलित नेतृत्व वाले सीपी राधाकृष्णन के साथ एनडीए को उम्मीद है कि वह उपराष्ट्रपति पद की गरिमा के अनुरूप कार्य करेंगे।