Highlights
- सीएम फडणवीस ने किया टेस्ला का स्वागत
- फिलहाल सिर्फ बिक्री पर रहेगा टेस्ला का फोकस
- ईवी नीति से टेस्ला को मिल सकती है बड़ी राहत
टेस्ला ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए मुंबई के मेकर मैक्सिटी मॉल में अपना पहला शोरूम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इस शोरूम का उद्घाटन किया और एलन मस्क की इस कंपनी को भारत में स्वागत करते हुए खास अंदाज में कहा टेस्ला वेलकम टू इंडिया।
हालांकि भारत में फिलहाल टेस्ला कारों का निर्माण नहीं होगा। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने यह साफ किया है कि कंपनी अभी सिर्फ भारत में अपनी गाड़ियां बेचना चाहती है और मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) की कोई योजना नहीं है। टेस्ला ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन बाजार में इसके आने को लेकर जबरदस्त उत्साह है।
इस साल की शुरुआत में टेस्ला ने भारतीय कर्मचारियों की भर्ती की थी जिससे इसके एंट्री के संकेत मिल चुके थे। एलन मस्क पहले ही भारत में निवेश की इच्छा जाहिर कर चुके हैं, लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी (आयात कर) को सबसे बड़ा रोड़ा बताया था। अब भारत की नई ईवी नीति में कंपनियों को राहत देने की बात कही गई है जिससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वक्त में टेस्ला यहां प्रोडक्शन यूनिट भी शुरू कर सकती है।
EV Market में टेस्ला इंडिया शोरूम लॉन्च होने से हलचल
टेस्ला की एंट्री के साथ ही भारतीय ईवी मार्केट (EV Market) में नई हलचल देखने को मिल रही है। अब तक ज्यादातर इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर देशी कंपनियों का कब्जा था लेकिन टेस्ला के आने से प्रीमियम सेगमेंट में कॉम्पिटिशन (Competition) बढ़ना तय है। ग्राहकों में भी इसको लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है, खासकर मेट्रो शहरों में लोग इसकी टेस्ट ड्राइव और लॉन्चिंग को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
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अगर टेस्ला को भारत में लंबे समय तक टिकना है तो उसे यहां की कीमतों और मिडल क्लास मार्केट को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी होगी। सिर्फ ब्रांड वैल्यू से यहां काम नहीं चलेगा। भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में लोकल मैन्युफैक्चरिंग ही उसे टिकाऊ बनाएगी, साथ ही सरकार की ईवी नीति का लाभ भी तभी पूरा मिलेगा जब कंपनी निर्माण में भी कदम रखेगी।