ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वायरल हो रही एक पोस्ट में दावा किया गया है कि कंपनी की डिलीवरी व्यवस्था में ऐसी खामी मौजूद है, जिसके जरिए ग्राहक और रेस्तरां प्लेटफॉर्म के बाहर बड़े ऑर्डर का लेनदेन कर सकते हैं।
वायरल पोस्ट को प्रेम सोनी नाम के एक यूजर ने साझा किया है। पोस्ट में बताया गया कि उन्होंने Zomato ऐप के जरिए केवल 40 रुपये की एक रोटी का ऑर्डर दिया। इसके बाद उन्होंने सीधे रेस्तरां से संपर्क कर फोन और व्हाट्सऐप के जरिए अतिरिक्त भोजन का बड़ा ऑर्डर दे दिया।
यूजर के मुताबिक रेस्तरां को निर्देश दिया गया कि पूरा खाना उसी छोटे ऑनलाइन ऑर्डर के साथ पैक कर दिया जाए। इसके बाद डिलीवरी पार्टनर ने पूरा पैकेट ग्राहक तक पहुंचा दिया, जबकि अधिकांश भुगतान सीधे रेस्तरां को कर दिया गया था।
क्या बताया जा रहा है फायदा?
वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इस प्रक्रिया से ग्राहक प्लेटफॉर्म फीस और अन्य अतिरिक्त शुल्क से बच सकता है। वहीं रेस्तरां को भी प्लेटफॉर्म कमीशन नहीं देना पड़ता, जिससे उसका लाभ बढ़ जाता है।
हालांकि यह तरीका Zomato की नीतियों और साझेदारी नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यदि किसी रेस्तरां के खिलाफ ऐसे मामलों की पुष्टि होती है तो उस पर कार्रवाई या प्लेटफॉर्म से निलंबन जैसी कार्रवाई हो सकती है।
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह पोस्ट लाखों बार देखी जा चुकी है और इस पर व्यापक चर्चा हो रही है। कई यूजर्स ने सुझाव दिया है कि Zomato को ऑर्डर सत्यापन की प्रक्रिया और मजबूत करनी चाहिए। कुछ लोगों ने डिलीवरी के समय बिल सत्यापन या फोटो-आधारित कन्फर्मेशन जैसे उपायों की बात कही है।
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी की व्यवस्था को लेकर ऐसे दावे सामने आए हों। वर्ष 2023 में भी कैश ऑन डिलीवरी (COD) से जुड़ी एक कथित खामी चर्चा में आई थी। उस समय कंपनी के सह-संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने समस्या को स्वीकार करते हुए सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही थी। फिलहाल Zomato की ओर से इस नए वायरल दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





























